मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

समरसता के लिए यात्रा


परमपूज्य गुरुघासीदास जी के जन्मोत्सव पर छत्तीसगढ़ प्रांत ने सतनाम जागरण संदेश यात्रा की शुरुआत २ दिसंबर २०११ गिरौदपुरी धाम से होगी। जिसका समापन १५ दिसंबर २०११ चटुवाधाम में होगी। यह यात्रा छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक जागरण के लिए की जा रही है। यह यात्रा रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा आदि जिलों के विभिन्न स्थानों की दूरी तय करेगी। छत्तीसगढ़ की संत परंपरा में परमपूज्य गुरु घासीदास जी का जीवन सात्विकता की प्रतिमूर्ति थी। आज जब विभिन्न रुपों में भारतीय संस्कृति पर आघात हो रहा है, ऐसे समय में बाबा घासीदास की संदेश जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। समाज में समरसता की अलख जगाने वाले संत शिरोमणि घासीदास जी हम सबकी जीवन में प्रेरणा का केन्द्र बने और उनके बताये आदर्श पर अधिक से अधिक संख्या में लोगों को ले जाने के लिए यह यात्रा मिल का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए यात्रा में विभिन्न स्थानों पर दिन प्रमुख तय किये गये है। जो यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में पूरी व्यवस्था देखेंगे। उक्त जानकारी सतनाम संदेश यात्रा आयोजन समिति, छत्तीसगढ़ प्रांत के संयोजक डॉ. भूषणलाल जांगड़े के द्वारा जारी पत्रक में दी गई है।

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