सोमवार, 5 दिसंबर 2011

हिन्दू कभी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार नहीं कर सकता



हिन्दू कभी भी आतंकवादी नहीं हो सकता और न ही वह कभी अल्पसंख्यकों पर अन्याय-अत्याचार कर सकता। उक्त उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेशराव जोशी उपाख्य भैयाजी जोशी ने गत दिनों सिल्वर में सम्पन्न हुई संगोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। अ.भा. अधिवक्ता परिषद की ओर से आयोजित संगोष्ठी का विषय साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक था। इसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ता तथा शहर के प्रबुद्ध गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

श्री भैयाजी जोशी ने आगे कहा कि साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद ने तैयार किया है, जिसमें हिन्दू विरोधी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह पक्षपातपूर्ण और खतरनाक विधेयक इस मान्यता के आधार पर बनाया गया है कि हमेशा हिन्दू ही आक्रमण करता है और किसी मुस्लिम और ईसाई को ही पीड़ा उठानी पड़ती है। हिन्दू समाज ही साम्प्रदायिक हिंसा के लिए जिम्मेदार होता है इसलिए उसे ही कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कानून मुख्यत: बहुसंख्यक हिन्दू समाज पर ही लागू होगा और लाखों हिन्दुओं को जेल में डाल दिया जाएगा। भैयाजी ने कहा कि इस विधेयक को वोट बैंक की घिनौनी राजनीति के चलते एक सोची समझी रणनीति के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि विधेयक को कानून का रूप धारण करने से पूरी ताकत के साथ रोका जाना चाहिए। अ.भा. अधिवक्ता परिषद के श्री जगदीप रेथ ने कहा कि साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक को तैयार करने वाले पूरी तरह हिन्दू विरोधी है। अगर यह कानून बन गया तो हिन्दू समाज का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाएगा और हिन्दुओं को अल्पसंख्यकों के दबाव में रहना पड़ेगा। संगोष्ठी में मुख्य रुप से उपस्थित प्रसिद्ध कवि श्री अतीन दास ने कहा कि विधेयक के द्वारा हिन्दू समाज को जानबूझकर दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है। यह भारतीय संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता की अनिल चंद्र ने की। इस अवसर पर श्री भैैयाजी जोशी ने अधिवक्ता श्री शांतनु नायक द्वारा लिखित पुस्तक लॉ ऑफ डेन्जर एंड कम्पेनसेशन का लोकार्पण भी किया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें